पेट और कमर की चर्बी कम कैसे करें

जानिये पेट और कमर की चर्बी कम करने के उपाय

शरीर पर मोटापे के बढ़ने के मुख्य संकेत

शरीर पर मोटापे के बढ़ने के मुख्य संकेत ठोड़ी नीचे व गले के ऊपर मांस बढ़ना और पेट कमर व कूल्हों की चर्बी बढ़ना होता है। मोटापा कम करने के लिए पेट व कमर को सही अनुपातिक आकार में करना पेहला कदम है। आज यहाँ आपके लिए, पेट और कमर की चर्बी कम कैसे करें इस विषय में कुछ कारगर उपाय प्रस्तुत करते है।

गलत ठंग से आहार विहार याने खान पान व रहन सहन से जब शरीर पर चर्बी बढ़ती है तो पेट बाहर निकल आता है, कमर मोती हो जाती है और कूल्हे भरी हो जाते हैं। इसी अनुपात से हाथ पैर और गर्दन पर भी मोटापा आने लगता है। जबड़ो के नीचे गर्दन मोटी होना और तोंद बढ़ना मोटापे के मोटे लक्षण है।

पेट और कमर की चर्बी कम करने के उपाय

मोटापे से जहां शरीर भद्दा दिखाई देता है वहीं स्वास्थय से सम्बंधित कुछ व्याधियां पैदा हो जाती हैं लिहाज़ा मोटापा किसी भी सूरत में अच्छा नहीं होता। बहुत कम स्त्रियां मोटापे के शिकार होने से बच पति हैं। हर समय कुछ न कुछ खाने की शौकीन, मिठाइयां, तेल पदार्थ का अधिक सेवन करने वाली और शारीरिक परिश्रम न करने वाली स्त्रियों के शरीर पर मोटापा आ जाता है।

प्रायः प्रसूति के बाद असावधानी, गलत आहार विहार से स्त्रियों का पेट बढ़ जाया करता है। गर्भ काल में जो स्त्रियाँ नाखून से पेट खुजाया करते हैं उनके पेट पर सफेद धारियां पड़ जाती हैं। जिन्हें किक्किस कहते हैं। प्रसव के बाद ४० दिन तक पेट बांध कर रखने से पेट बड़ा नहीं हो पता। पेट बांधने की बेल्ट बाजार में मिलती है। पहली कोशिश तो ये करनी चाहिए की पेट बढ़ने ही न पाये क्योंकि एक बार पेट बढ़ जाने पर कम करना कठिन और समय-साध्य कार्य हो जाता है। इसके लिए दो तीन बातों का ध्यान रखना जरुरी है।

प्रायः महिलाएं भोजन करके खूब पानी पिया करती हैं। इस विषय में निरोग धाम के गत अंकों में विस्तार से यह बताया जा चूका है की भोजन के अंत में पानी पीना उचित नहीं बल्कि १-१ घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए। इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता बल्कि मोटापा हो भी तो कम हो जाता है

आहार भूख से थोड़ा कम ही भोजन खाना चाहिए।  इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता। पेट में गेस नहीं बने इसका ख्याल रखना चाहिए। गेस के तनाव से तन कर पेट बड़ा होने लगता है। दोनों समय शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए। भोजन में शाक सब्जी, कच्चा सलाद और कच्ची हरी शाक सब्जी की मात्रा अधिक और चपाती, चावल व आलू की मात्रा कम रखना चाहिए। सप्ताह में एक दिन उपवास या एक बार भोजन न करने के नियम का पालन करना चाहिए। उपवास के दिन सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करना चाहिए

बफारे की भाप - पेट की चर्बी कम करने के लिए

पेट व कमर की चर्बी कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर उदर भाग को बफारे की भाप से सेक करना चाहिए। इसकी विधि -- एक तपेली पानी में एक मुठ्ठी अजवायन और एक चम्मच नमक दाल कर उबलने रख दें। जब भाप उठने लगे तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें। दो छोटे नेपकिन या कपड़े ठन्डे पानी में गीले कर निचोड़ ले और थे करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रख कर सकें। प्रति दिन १० मिनट सेक करना पर्याप्त है। कुछ दिनों में पे की चर्बी कम होने लगेगी।

मोटापा घटाने के आसन

सुबह उठ कर शौच से निवृत होने के बाद निम्नलिखित आसनों का अभ्यास करें या प्रातः २-३ किलोमीटर तक घूमने जाया करें।

पौष्टिक आहार

भोजन के गेंहू के आटे की चपाती लेना बंद करके जों और चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें। इसका अनुपात है १० किलो चना और दो किलो जों। इन्हें मिलाकर पिसवा ले और इसी आटे की चपाती खाएं। इससे सिर्फ पेट और कमर का ही नहीं सारे शरीर की चर्बी कम होती है। प्रातः एक गिलास पानी में २ चम्मच शहद घोल कर पिने से भी मोटापा कम होने लगता है। दूध और शुद्ध घी का सेवन बंद करें।

इस प्रकार उपाय करके पेट और कमर का मोटापा घटाया जा सकता है। 

Popular posts from this blog

How to Subscribe/Unsubscribe CMHK Kabayan 4G/3G Data?

How to Change Password in Toad for Oracle?

How to Kill Session in Toad for Oracle?